करोना काल में पढ़ाई को कैसे सुव्यवस्थित रखें।
मित्रों
बेशक, देश इस समय महामारी से जूझ रहा है परंतु हमें अपनी पढ़ाई पर भी फोकस करना है घर पर रहकर सभी विद्यार्थी और परीक्षार्थी अनेक प्रकार के प्लेटफार्म से पढ़ाई सुचारू रख सकते हैं जैसे यूट्यूब विभिन्न प्रकार के कोचिंग के ऐप्स यह बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि छात्र और अध्यापक का फेस टू फेस कांटेक्ट हो परंतु इस समय जब परिस्थितियां विपरीत है तब हम एक विकल्प के रूप में ऑनलाइन शिक्षा को समझ सकते हैं दोस्तों एक कहानी के माध्यम से मैं आपको बताना चाहूंगा कि समस्याएं तो आती हैं और जाती हैं जीवन का यह एक अंग है।
बहुत समय की बात है एक व्यक्ति परिस्थितियों से बहुत परेशान था इन सब बातों से परेशान होकर वह एक साधु महात्मा के पास गया उसने कहा महात्मा जी में बहुत मेहनत करता हूं परंतु मुझे जो है कभी भी सफलता हासिल नहीं हुई और मैं जीवन से बहुत परेशान हो गया हूं साधु महात्मा ने कहा बेटा अब समय समाप्त हो चुका है यदि आप रात में मेरे सभी उटँ को बैठा दो और बैठाने के बाद आप सो जाना तब मैं आपसे सुबह मुलाकात करूंगा यह व्यक्ति सुनकर ने सोचा यह काम तो बहुत आसान है और रात में जहां पर ऊंट थे वहां पर चला गया पूरी रात जागने के बाद भी वह नहीं कर पाया कि सभी एक ऊँठ एक साथ बैठ जाये। वस्तुतः वह महात्मा जी के पास आया और बोला महात्मा जी मैं पूरी रात सोया नहीं क्यों क्योंकि इस काम को मैं आसान समझ रहा था वह काम तो बड़ा मुश्किल था उस सभी को एक साथ बैठाना भारी काम था क्योंकि एक ऊंट को बैठा था तो दूसरा खड़ा हो जाता था तब महात्मा जी ने कहा कि जीवन ही इसका नाम है एक समस्या आएगी खत्म होगी फिर दूसरी समस्या आएगी फतेह जीवन का अंग है इसी से हम लोगों को रूबरू होना है धन्यवाद
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